याददाश्त को ठीक बनाए रखने के लिए अनिवार्य है मानसिक सक्रियता

कुछ लोग, विशेष रूप से बढ़ती उम्र में कहते हैं कि उनकी याददाश्त बड़ी ख़राब है और वे जल्दी ही चीज़ों को भूल जाते हैं। जहाँ तक भूलने की बात है भूलना एक स्वाभाविक क्रिया है। यदि हम हर चीज़ को याद रखने की कोशिश करेंगे, तो हमारा दिमाग़ परेशान हो जाएगा। अतः कुछ चीज़ें […]

याददाश्त को ठीक बनाए रखने के लिए अनिवार्य है मानसिक सक्रियता Read More »

डिजिटल युग में पढ़ाई

अपनी जरूरतों और भावनाओं को तो पशु भी अभिव्यक्त करते हैं, पर उस पर विचार करना एक ऐसा कार्य है जो केवल मनुष्य कर सकता है। मनुष्य को ही यह शक्ति मिली है कि वह अपने मस्तिष्क की क्षमता को बढ़ा सकता है। अपने विचारों को एक सकार रूप दे सकता है और इसे दूसरे

डिजिटल युग में पढ़ाई Read More »

60 की उम्र के बाद के लिए मेरी तैयारी 

आप के शहर से…… न्यूज चैनल….अगर …..आप में से कोई इस व्यक्ति को पहचानता है। तो कृपया हमें संपर्क करें यह हमें मोहाली सेक्टर नंबर 5 के बस अड्डे पर बहुत ही दयनीय अवस्था में मिले हैं। उनकी हालत इस अवस्था में नहीं है कि यह अपने विषय में अपना घर और शहर का पता

60 की उम्र के बाद के लिए मेरी तैयारी  Read More »

60 के बाद की उम्र

नहीं जरूरत बुजुर्गों की  हर बच्चा बुद्धिमान बहुत हैl उजड़ गए सब बाग  बच्चे बगीचे, दो गमले में शान बहुत हैl 60 की उम्र के बाद के लिए तैयारी विषय जितना सुंदर हैं उतना गंभीर भी है। प्रथम प्रश्न यह है कि 60 या उससे अधिक जीवन अवधि जीने की कितने प्रतिशत संभावना है खासकर

60 के बाद की उम्र Read More »

महिला दिवस

मित्रों! 8 मार्च को प्रतिवर्ष धूमधाम से अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। महिलाओं की उपलब्धियों एवं सशक्तिकरण की बात की जाती है। निश्चय ही पिछले दो दशकों में महिलाओं ने अपनी योग्यता का प्रमाण दिया है। कभी घर के चूल्हे-चौके और घर की चारदीवारी तक सीमित रहने वाली भारतीय नारी अब शिक्षित है। हर

महिला दिवस Read More »

समझाइश (लघुकथा)

“इतने दिनों से मैं तुम्हें समझा रही थी; बात समझ नहीं आ रही थी? मेरे तन को खोखला तो कर डाला। मैंने तुम्हारे लिए कितना कष्ट सहा! दुःख सहा! कितनी पीड़ा हुई है मुझे! मैं ही जानता हूँ।” “लेकिन आपने मुझे कभी क्यों नहीं दुत्कारा? क्यों नहीं भगाया मुझे? मेरे प्रति स्नेह व अपनतत्व क्यों

समझाइश (लघुकथा) Read More »

स्वीट सिक्सटी: 60 की उम्र के लिए मेरी तैयारी

“हो ग‌ए हम साठ के तो क्या हुआ दिल तो बच्चा ही हमारा है अभी” जिस प्रकार हमने अपनी किशोरावस्था को “स्वीट सिक्सटीन” कह कर बुलाया था, बस बिल्कुल वैसे ही मैंने अपनी जाती हुई “प्रौढ़ावस्था” और आती हुई “स्वर्णिमावस्था” को भी “स्वीट सिक्सटी” कह कर पुकारा। सिक्सटीन का ‘न’ हटा कर मैंने अपने जीवन

स्वीट सिक्सटी: 60 की उम्र के लिए मेरी तैयारी Read More »

‘पढ़ने’ की आवश्यकता

प्राचीन समय की बात है। एक गांव में चार मित्र रहते थे। चारों शिक्षा के लिए एक प्रसिद्ध विश्वविद्यालय में गए। वहाँ रह कर उन चारों ने अन्य अनेक विद्याओं के साथ मृत संजीवनी विद्या भी सीखा। शिक्षा पूर्ण कर चारों  खुशी और उत्साह से अपने गाँव के लिए चले। वे सोचते जा रहे थे

‘पढ़ने’ की आवश्यकता Read More »

Scroll to Top